धर्म क्या है ?
प्रणाम दोस्तों मित्रो जैसे की में पहले भी बता चुकी हूँ की मैंने ये चैनल अपने गुरु "परम पूज्य संत श्री आसारामजी बापू" की प्रेरणा से तैयार किया है | आज का टॉपिक है धर्म, क्या है ये धर्म ? मैंने पहले भी एक आर्टिकल लिखा है इस पे जरूर पढ़िए गा | लोग कहते है धर्म अर्थात हिन्दू धर्म | सही बात है पर धर्म की इतनी ही परिभाषा है क्या | जहा श्री कृष्ण ने स्वयं गीता में कहा है की वे धर्म की स्थापना के लिए आते है | उससे हमें सोचना चाहिए क्या कृष्ण केवल हिन्दुओ की रक्षा के लिए आते है इसीलिए उन्होंने धर्म कहा | उनका ये वाक्य हमें मजबूर करता है ये सोचने के लिए की धर्म क्या है | श्री कृष्ण की भगवतगीता क्या केवल हिन्दुओ को ही जीने की नयी दिशा देती है क्या मुसलमानो और ईसाइयो को इससे कोई फायदा नहीं | नहीं मित्रो एक अच्छा विचार सब के मन को जीत लेता हैं जब मेरे गुरुदेव ने वैलेंटाइन डे को बंद करके "मातृ पितृ पूजन दिवस "की शुरुवात की तब उन्होंने उसकी विडिओ में केवल हिन्दू लोगो के बच्चे नहीं दिखाए अपितु मुसलमान, ईसाई अदि सभी पंथो के बच्चे भी दिखाए क्योंकि वो सभी को सम्मानीत देखना चाहते है | ठीक इसी प्रकार धर्म सबके मन की अच्छी भावना , निति , मूल्य , कर्त्तव्य इन्ही चीजों से बनता है | क्षमा करना के में आपको धर्म सही व्याख्या नहीं दे सकती क्योकि धर्म सब जगह एक सा नहीं होता वो रूप बदलकर आता है | जैसे यदि किसीकी पिता की अंतिम सांसे चल रही हो ऐसे समय में उसके गांव की स्त्रियों को कोई डकैत उठाकर ले जा रहा हो तो दोनों जगह पर रहना उसका धर्म है ऐसी स्थिति को धर्मसंकट भी कहा जाता है | ऐसे समय में उसे ये सोचना होगा उसे उसके पिता के साथ रहना जरुरी है या उन स्त्रियो की रक्षा करना आप को क्या लगता है क्या करना चाहिए उसे मुझे कमेंट करके जरूर बताये
उम्मीद है आपको समझ आ गया होगा की धर्म क्या है ? धर्म जीवन जीने की सुन्दर कला जिससे हमारा जीवन महानता की और जायेगा | और इसी धर्म को हिन्दुओ ने अपनाया इसीलिए हम हिन्दू धर्म कहते है और मुझे गर्व है अपने हिन्दू होने पर | जय सियाराम , राधे राधे , हरी ॐ
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| Proud to be Hindu |

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