पुनर्जन्म
पिछले पोस्ट में हमने देखा की Every action has an equal and oppposite reaction अर्थात हर क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है | ये चीज़ केवल विज्ञानं में ही नहीं अपितु हमारी असल ज़िंदगी में भी लागु होती है | भगवतगीता के अनुसार इंसान जैसे कर्म करता है उसे वैसा ही फल मिलता है | जैसे कोई विद्यार्थी किसी विषय में फेल हो जाये तो वो उसी कक्षा में पुनः आ जाता है | उसी प्रकार अगर हम भी इस जीवन रूपी परीक्षा में फेल हो जाये तो हमें भी वापस इस धरती पर आना पड़ता है | और फिर नयी परीक्षा का सामना करना पड़ता है |और जीवन की इस परीक्षा में हर किसी का पेपर अलग अलग है अर्थात हमारी समस्याएं अलग अलग है | मगर एक उपाय जिससे सबकी समस्याओ का समाधान होता है और वो है मेरे गोविन्द का नाम | उसका नाम लेने से ही हमारी सभी समस्याओ का समाधान हो जाता है | परीक्षा भलेही ही कितनी ही जटिल हो किन्तु उपाय बहुत सीधा है ईश्वर का नाम | हमें केवल इतना याद रखना चाहिए की ज़िंदगी की हर मुश्किल हमें कुछ सिखाने को आती है अपने और परायो की पहचान कराने को आती है | इसीलिए हर मुसीबत में दुनिया के सामने हात फ़ैलाने से अच्छा है गोविन्द को दोस्त बनाकर उससे मदत मांगे तो वो हमें हर मुसीबत से लड़ने की और उसे जितने की पूरी ताकत देता है | मेरे जीवन में भी मेरे कान्हा ने कई बार मेरी मुसीबत को हल किया है | किन्तु कभी कभी हमारे जीवन में जो घटने वाली घटनाये है वो हो कर ही रहती है उसमे कृष्ण भी कुछ नहीं कर सकते अर्थात अगर मैंने कभी भी जीवन में किसीका भारी नुकसान किया है तो मेरा भी नुकसान होगा उसे कोई नहीं रोक सकता क्यों की वो मेरा कर्म था और जो आया वो मेरे कर्म का फल | अब आपके मन में आया होगा की अगर हमें कर्मो का फल की भोगना है तो भगवान् क्या करते है ?
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जिस प्रकार बच्चे के जीवन में कितनी ही मुश्किलें हो जब वो अपने माँ की गोदी में सर रखता है तो उसकी सारी मुसीबते भूल जाता है | मुसीबत तो होती है किन्तु माँ की गोद बच्चे को हर मुसीबत से लड़ने की ताकत देती है उसीप्रकार यदि सच्चे मन से पूर्ण श्रद्धा से जब ईश्वर के शरण में जाते है तो हमें भी हर मुसीबत से लड़ने की ताकत मिलती है | इसके के लिए एक उदाहरण अगले पोस्ट में दूंगी |
तब तक के लिए "जय सियाराम " " राधे राधे "

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